पहले के समय में जब किसी की घर में बेटियों का जन्म होता था तो वह उतने खुश नहीं होते थे जितना बेटे के जन्म पर खुशी मनाई जाती थी और अब आज के समय में बहुत बड़ा परिवर्तन आ चुका है साथ ही इसी भेदभाव को दूर करने के लिए सरकार के द्वारा अनेक प्रयास किए जाते हैं जिसके कारण अब किसी भी घर में लड़की हो या लड़का बराबर उत्साह मनाया जाता है।
वैसे तो लगभग सभी क्षेत्रों में बेटियों के द्वारा बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया जा रहा है और आज ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं बचा है जहां पर लड़कियां लड़कों से कम होती प्रतीत हो रही हो हालांकि अभी कई जगह पर लड़कियों की स्थिति में किसी प्रकार का कोई परिवर्तन नहीं हुआ है तो अब ऐसी में उन क्षेत्रों की बेटियों को नंदा गौरा योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त हो सकता है। यदि आपको नंदा गौरा योजना जैसी योजना की कोई जानकारी नहीं है आप आर्टिकल में लास्ट तक जुड़े रहे।
इस योजना के अंतर्गत बेटियों के जन्म पर सरकार के द्वारा माता-पिता की आर्थिक मदद की जाती है एवं जब बेटी 12वीं कक्षा पास कर ली थी तो सरकार के द्वारा एक बार फिर से आर्थिक मदद दी जाती है जिससे बेटियों की भविष्य की शिक्षा जारी रहती है और वह आसानी से शिक्षा के क्षेत्र में एवं समाज में आगे बढ़ सकती हैं। इस लेख में हम नंदा गौरा योजना की संपूर्ण जानकारी को जानेंगे।
Nanda Gaura Yojana
नंदा गौरा योजना उत्तराखंड सरकार के द्वारा शुरू की जाने वाली योजना है जिसका उद्देश्य राज्य की गरीब परिवार की बेटियों के लिए विभिन्न प्रकार की सुविधा प्रदान करना है। इस योजना का लाभ लेने से आप सभी की बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहन मिलेगा और वह आगे बढ़ सकेगी। उत्तराखंड सरकार के द्वारा इस योजना को शुरू करने से अब बेटियों के जन्म को अब बोझ नहीं माना जाएगा और अभिभावको को उनके पालन पोषण की चिंता नहीं करनी पड़ेगी।
इस योजना के तहत उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य की सभी पात्र बालिकों को उनके जन्म से लेकर उनकी 12 तक की पढ़ाई पूरी होने पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना में दो बार पात्र बालिकाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी लेकिन इसके लिए आपको आवेदन करना होगा और इसका आवेदन अन्य योजना के जैसे समान नहीं है इसलिए आपको आर्टिकल में दी गई आवेदन प्रक्रिया को ध्यान से समझना होगा।
नंदा गौरा योजना से प्राप्त आर्थिक सहायता
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उत्तराखंड सरकार के द्वारा इस योजना के अंतर्गत राज्य की पात्र बालिकाओं को कुल 62000 की जो आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी वह बालिकाओं को दो चरणों के माध्यम से आवंटित की जाएगी।
जिसके अंतर्गत सरकार के द्वारा पहले चरण में बेटी के जन्म पर 11000 रुपए की आर्थिक राशि प्रदान की जाएगी जबकि दूसरे चरण में जब बेटी 12वी कक्षा में होगी तो उसे ₹51000 की धनराशि दी जाएगी हालांकि 12वीं कक्षा पास करने के बाद सहायता राशि प्राप्त होगी।
दो बार करने होगे आवेदन
जैसा कि आपको बताया गया है कि इस योजना के अंतर्गत दो चरणों के माध्यम से सहायता राशि प्रदान की जाती है जो दो अलग-अलग समय पर प्रदान की जाती है इसलिए आपको आवेदन भी दो बार यानी कि दो फेज में करने होंगे।
जिसके तहत पहले फेज में बेटी के जन्म के 6 महीने के अंदर आवेदन करना होगा जबकि दूसरी फेस में बेटी के 12वीं कक्षा पास कर लेने के बाद आवेदन करना होगा।
नंदा गौरा योजना के लिए पात्रता
- इस योजना के तहत केवल उत्तराखंड राज्य की बालिकाओं को ही पात्र माना गया है।
- इस योजना में सरकार द्वारा एक परिवार से दो बेटियों को लाभ दिया जा सकेगा।
- ऐसी बालिकाओं को प्राथमिकता दी गई जिनका जन्म किसी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में जन्म हुआ है।
- संबंधित बालिकाओं के परिवार की वार्षिक आय 72000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।
नंदा गौरा योजना हेतु जरूरी दस्तावेज
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- महिला का प्रसव प्रमाण पत्र
- बालिका का जन्म प्रमाण पत्र
- माता-पिता या अभिवावक का आधार कार्ड
- बैंक पासबुक
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र
- बालिका का आधार कार्ड
- स्वघोषित अविवाहित प्रमाण पत्र
- 12वीं अंकसूची आदि।
नंदा गौरा योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
- आवेदक को पूरा करने के लिए उत्तराखंड सरकार की महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की वेबसाइट पर जाएं।
- अब आप इसके आवेदन पत्र को ढूंढने एवं उसे डाउनलोड करके प्रिंट आउट निकाल ले।
- इसके बाद आवेदन पत्र को ध्यान से जानते हैं और उसमें समस्त जरूरी जानकारी दर्ज करें।
- संपूर्ण विवरण दर्ज करने के बाद आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियां संलग्न करें।
- इसके बाद एक बार पुनः आवेदन पत्र और दस्तावेजों की जांच कर लेनी है।
- अब आपको नजदीकी संबंधित विभाग या फिर कार्यालय में दस्तावेज सहित आवेदन पत्र जमा करना है।
- इस तरह से नंदा गौरा योजना का आवेदन पूरा किया जा सकता है।












